कोलंबिया एशिया अस्पताल पटियाला में डॉ. निति कपूर ने न्यूरोलॉजी विभाग में संभाला कार्यभार

पटियाला 10 सितम्बर, कोलंबिया एशिया अस्पताल में डॉ. निति कपूर ने बतौर कंसलटेंट न्यूरोलॉजी के रूप में कार्यभार संभाला हैI कोलंबिया एशिया अस्पताल के जनरल मैनेजर श्री गुरकीरत सिंह ने बताया डॉ.निति कपूर ने अपनी ऍम. बी. बी. एस. दयानन्द मेडिकल कॉलेज, लुधियाना और एम् डी मेडिसिन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, पटियाला से की है। इसके पष्चात उन्होंने अपनी डी एम् न्यूरोलॉजी की पढ़ाई एस ऍन मेडिकल कॉलेज, जोधपुर से समाप्त की है। डॉ निति कपूर को मोहाली तथा गुरुग्राम जैसे शहरों के हॉस्पिटल्स में काम करने का अच्छा अनुभव हैं। डॉ. निति कपूर हर तरह के दिमाग एवं नसों के रोग जैसे की स्ट्रोक, एपिलेप्सी, सरदर्द और कई तरह के दिमागी इन्फेक्शन्स के उपचार में माहिर है और कोलंबिया एशिया अस्पताल में हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 2 बजे तक उपलब्ध रहती हैंI 

बच्चों का मोटापा स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा-डॉ नीरज अरोड़ा

रोज़ाना चार-पांच तरह के फल और सब्ज़िओ को भोजन में करे शामिल

Dr. Neeraj Arora – Consultant Neonatology & Pediatrics

तेज़ी से बदलती लाइफस्टाइल, जंक फ़ूड की बढ़ती संस्कृति, बढ़ती समृद्धि और जागरूकता का आभाव आदि कुछ ऐसे कारण है, जिनसे  भारत में मोटापे की महामारी बढ़ती जा रही है लेकिन इस और कोई धयान नहीं दे रहा। इस बारे कोलंबिया एशिया अस्पताल पटियाला के शिशु अवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ नीरज अरोड़ा ने कहा की पटियाला यूनिवर्सिटी द्वारा करवाई गयी स्टडी के मुताबिक ये बात सामने आयी है की पंजाब में 13 प्रतिशत लोग मोटापे का शिकार है और इसमें बच्चों का अनुपात काफी ज्यादा है   

डॉ नीरज अरोड़ा ने कहा की अधिक समय तक टीवी देखना खतरनाक: मोटापे की पारिवारिक पृष्टभूमि, हाई कैलोरी खाद्य पदार्थो का सेवन, शारारिक निषिक्रयता और दिनभर में ३ घंटे से अधिक समय तक टेलीविज़न या कंप्यूटर के सामने बैठने की आदते मोटापा बढ़ने के कारण है। इस लिए इसमें सुधार लाना ज़रूरी है। क्योकि आने वाले समय में ये बच्चो के लिए खतरा बन सकता है।

डॉ नीरज ने कहा की पटियाला जैसे शहरों के लिए स्कूली बच्चो में मोटापा एक बड़ी चिंता है। कई सारे बच्चो की आंशुवांशिक प्रवत्ति या मेटाबोलिज्म प्रक्रिया के कारण भी उन्हें मोटापे की समस्या होती है। ऐसे माँ-बाप को अपने बच्चे के खानपान पर अतिरिक्त धायब देना चाहिए।  प्रतिदिन पांच प्रकार के फल और सब्ज़िओ को भोजन में शामिल करना चाइये। टीवी देखने या कंप्यूटर पर या वीडियो गेम्स खेलने जैसे गतिविदियों में कमी लानी चाहिए।  बच्चे डांस, मार्शल आर्ट्स, साइकिलिंग या टहलने जैसी किसी भी पसंदीदा गतिविधियों में हिस्सा ले सकते है।

Put Away Fungal Diseases During the Sweaty Months-Dr. Rohini Thakur

During the summer season, there is usually a rise in the cases of fungal infections due to the increased humidity. Fungi, which grows all around us as well as within the body, thrives in moist and humid environments and can multiply and grow more easily during the summer season. Dr. Rohini Thakur Consultant Dermatology Columbia Asia Hospital, Patiala told Fungal infections more commonly occur in the crevices of the body where it is more likely for sweat to be produced and trapped, for example, in the armpits, between the thighs, between the toes or under the breasts. If one is not careful with their hygiene and spends a long time with the moisture trapped between the folds of skin, they are at a high risk of developing a fungal disease. The following are some symptoms of fungal infection told Dr. Rohini:

Dr. Rohini Thakur Consultant Dermatology
  1. Itching or burning sensation
  2. Dryness 
  3. Cracking or Peeling
  4. Scaliness
  5. Red patches

If any of the above symptoms do not go away by washing and moisturizing, there is a possibility that it could be a fungal infection. The following are the most common fungal infections witnessed during humid seasons – 

  • Athlete’s Foot

This infection affects the feet and usually starts from in between the toes. Wearing socks for long hours, re-using socks, wearing closed shoes in the hot climate for very long. Maintain impeccable hygiene if you use the swimming pool and public bathroom during the humid climates as the fungi are likely to be found there. If you start to experience redness, blistering, itchiness in between your toes, apply a topical anti-fungal cream. Visit the doctor if symptoms are severe and cannot be managed by a topical cream.

Prevention: During the summer season, it is best to allow the feet to breathe freely as much as possible. Opt for open-toe footwear. If you tend to sweat often, try to use powders and regularly wipe to avoid fungal growth

  • Ringworm

Named after the way that this disease looks, ringworm is highly contagious and can spread quickly across your skin. Symptoms are rashes that appear in the form of red circles. The skin can become raised, itchy, and flaky. Ringworm can spread through human contact, soil, and even animals. It can usually be controlled and treated easily with an anti-fungal cream.

Prevention: Hygiene is key to prevent ringworm. Ensure you clean and dry yourself after playing with pets, or playing out in the garden. Parents must take extra care of their children’s hygiene during this time.

  • Jock’s Itch

This infection occurs between the inner thighs, around the groin or buttocks area, and can occur to both men and women. The infection usually presents with continual itching, chafing, redness, scaliness, or a rash.

Prevention: Choose loose-fitted, cotton underwear, and more breathable clothing during the summer. Avoid synthetic material. Avoid wearing the same clothes for very long especially, if it has been drenched in sweat as this will promote the growth of fungi. Take more showers and dry yourself properly throughout the day depending on your activity levels.

Fungal infections depend largely on moisture to survive. If any parts of your body are prone to excessive sweating, or if you are very active, the fool proof way to avoid infection is by maintaining impeccable hygiene. Clean yourself regularly and keep your skin dry. Choose loose and cotton-based attire that will help absorb sweat rather than create an extra barrier outside your skin. Change your clothes regularly, and avoid repeat usage of clothes during the hot months. A lot of people use the swimming pool during the summer season – ensure that you do not sit in your wet swimming costume for very long, maintain good hygiene when using the public bathrooms, wear clean and dry footwear. Keep your immune system at its best by keeping yourself hydrated so that your body can cope with any infections.

कोलंबिया एशिया अस्पताल पटियाला में बर्न यूनिट की शुरुआत


डॉ दिनकर सूद कंसलटेंट प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव  एवं कॉस्मेटिक सर्जरी

पटियाला 18 जुलाई, कोलंबिया एशिया अस्पताल पटियाला ने अपनी 11 साल से समाज सेवा की बचनबद्धता के तहत प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अंतर्गत एक स्पेशल बर्न यूनिट की शुरुआत की जिसमें की जले हुए मरीज़ों का इलाज़ हो सकेगा ! डॉ दिनकर सूद कंसलटेंट प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव  एवं कॉस्मेटिक सर्जरी कोलंबिया एशिया अस्पताल पटिआला ने बताया की जले हुए मरीज़ों की भी दूसरे एक्सीडेंट और ट्रामा मरीज़ों की तरह कुछ अति आबश्यक ज़रूरतें होती हैं जिनका की शीग्रता से समाधान होना चाहिएI कोलंबिया एशिया पटियाला का बर्न यूनिट हर तरह के जले हुए मरीज़ों को बढ़िया इलाज़ प्रदान करेगा I  डॉ दिनकर ने बताया की हर दो घंटे और इकतालीस मिनट में 1 नागरिक की जलने से मौत होत्ती है और हर 1442 मरीज़ों में से 1 के आग, बिजली, रासायनिक पदार्थों से जलने के पूरी संभावना रहती है I मरीज़ को जलने के शुरुआती घंटो में जो इलाज़ मिलता है उस पर मरीज़ की रिकवरी और निष्कर्ष काफी हद तक निर्भर करता है I जलने के रिस्क का अनुमान जली हुई त्वचा के घनत्व या उसकी गहराई पर निर्भर करता है I कोलंबिया एशिया अस्पताल का ये बर्न यूनिट और अति अनुभवी स्टाफ जले हुए मरीज़ो को उत्तम सुविधा प्रदान करेगा I इस मौके पर डॉ दिनकर सूद के इलावा कोलंबिया एशिया अस्पताल पटिआला की जनरल मैनेजर श्री गुरकीरत सिंह भी मौजूद रहे I उन्होने ने बताया कि कोलंबिया एशिया अस्पताल का यह बर्न यूनिट इलाके का पहला ऐसा यूनिट है जो इलाके के अलग अलग प्रकार से जले हुए मरीज़ों को इलाज़ प्रदान करेगा जो कि पहले इलाज के लिए जिले से बाहर जाते थे I

State of the Art Dedicated Burns unit launched at Columbia Asia Hospital Patiala

Dr. Dinkar Sood Consultant Plastic, Reconstructive & Cosmetic Surgery

Patiala 18th July, Columbia Asia Hospital, Patiala committed to serving community for more than 11 years and decades to come Launched its state-of-the-art dedicated burns unit under the aegis of Plastic Surgeon. Dr. Dinkar Sood Consultant Plastic, Reconstructive & Cosmetic Surgery Columbia Asia Hospital Patiala told the burns patient has the same priorities as all other trauma patients which need to be addressed on priority. Columbia Asia Hospital Patiala is going to provide the Best care in worst cases by treating all kinds of burn patients. Dr. Dinkar told 1 Civilian fire death occurs every 2 hours 41 minute & you have 1 in 1,442 chances of dying from exposure to fire, flames, chemicals or smoke. The care the victim receives within the first few hours after sustaining a burn injury largely determines the outcome of the management. The severity of the burn is determined by burned surface area or depth of burn. So do not worry & feel safe, because we at Columbia Asia are here for you people with a dedicated state of the art burns unit with trained staff and clinical talent. Dr. Dinkar Sood is expert in fields of Plastic, Reconstructive & Cosmetic surgery will spread the Powder of Hope. On this Occasion Mr. Gurkirat Singh General Manger and Columbia Asia Hospital, Patiala were also present. He told Columbia Asia is first in the region to launch dedicated burns unit where patient with different types of burns which earlier used to refer out to other cities will be treated.

40 की उम्र में एसिडिटी शुरू होने पर लापरवाही न बरतें -डॉ जी एस सिद्धू

पटियाला, 40 साल की उम्र के बाद एसिडिटी शुरू होने पर इसको नज़रअंदाज़ न करेंI एसिडिटी एक बड़ी बीमारी का संकेत हो सकती है I इसकी बजह एंडोस्कोपी से डायग्नोज़ की जा सकती है I बहीं पेट दर्द लगातार बना हुआ है और दबाइयाँ लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो भी एंडोस्कोपी करवाने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिएI एंडोस्कोपी टेस्ट द्वारा पहली स्टेज पर यह बीमारी पकड़ में आने पर इलाज़ संभव हैI जबकि चौथी स्टेज में पता लगने पर इसका इलाज़ संभव नहीं हैI

कोलंबिया एशिया अस्पताल के कंसलटेंट गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉ जी एस सिद्धू ने बताया की एंडोस्कोपी के जरिये आजकल डायग्नोज़ करके आजकल इलाज़ किया जा रहा हैI इंजेक्शन थेरेपी से ब्लीडिंग रोकने, उल्टियां होने पर बंद लगाना, नस फटने पर एंडोस्कोपी से क्लिप लगाकर ब्लीडिंग कण्ट्रोल करना, और ई आर सी पी तकनीक से पित्त की नली की पथरी निकालने का इलाज़ किया जाता हैI कैंसर के कारण पित्त की नली में ब्लॉकेज और फ़ूड पाइप कैंसर में स्टंट डालने पर पेशेंट डाइट लेना शुरू कर देता हैI ज्यादा गैस और एसिडिटी रहने, पेट का फूलना, लम्बे समय तक हिचकी आना, उलटी में खून आना, पुरुषों में खून की कमी या उनका अनीमिक होना, बजन घटना, बार बार फ़ूड पाइप में खाना अटकना, दबाइयाँ लेने के एक सप्ताह बाद तक उल्टियां कण्ट्रोल न होना, नोज़िआ या उलटी जैसा मन हमेशा बना रहना आदि इसके लक्षण हैं और ऐसे लोगों को तुरंत डाक्टरी सलाह लेनी चाहिएI